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एक शुरुआत... अंत के बाद...

Posted On: 31 Oct, 2010 में

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मंज़िल मेरी भी वही है
जो तेरी है
जाना मुझे भी वहीं है
जहाँ तुझे है
फ़र्क है तो बस इतना
कि मैं जला दी जाउंगी और
तुझे दफनाया जाएगा

तो क्यूं एक काम करें
सौंप दे अपने आप को
इस दुनिया के हाँथ में
मरने के बाद
और तत्पश्चात हम जिन्दा रहेंगें
किसी की आँखों में
किसी के दिल में
किसी और के
किसी हिस्से में

फ़िर तेरा और मेरा सफ़र एक जैसा होगा
जैसी तेरी कहानी होगी, वैसा ही मेरा भी फसाना होगा

और हम एक नई शुरुआत करेंगे
अपने अंत के बाद

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1880 प्रतिक्रिया

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नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

सुभाष कांडपाल के द्वारा
February 3, 2011

बहुत ही खूबसूरत पंक्तियाँ हैं. बहुत बहुत साधुवाद आपके लिए.

    Jolyn के द्वारा
    July 12, 2016

    That’s cleared my thoughts. Thanks for couiitbntrng.

NIKHIL PANDEY के द्वारा
November 1, 2010

पूजा जी … बहुत सुन्दर पंक्तिया …….और बहुत खुबसूरत सन्देश मानव धर्म का , और ऐसे अंत से जीवन और मृत्यु को सार्थक करने वाला …… अंत के बाद एक नई शुरुआत…. करने का… अनुकर्णीय है ये विचार

    Pooja के द्वारा
    November 1, 2010

    निखिल जी… बहुत-बहुत धन्यवाद… जी सही कहा… सोच तो यही है…

    Kailey के द्वारा
    July 12, 2016

    Sir I have sold off my proeprty recently and I want to reinvest the sale proceed for the purchase of another property very soon. Can I deposit the sale proceeds in my normal saving account till the filing of my Returns or I need to deposit that amount in capital gain account only ?

Alka Gupta के द्वारा
November 1, 2010

पूजा जी,   जैसी तेरी कहानी होगी…..और हम एक नई शुरूआत करेंगे अपने अंत  के बाद।  पंक्तियों में काफी कुछ बयां कर दिया अच्छी अभिव्यक्ति ।सुंदर कविता  

    Pooja के द्वारा
    November 1, 2010

    अल्का जी, बहुत-बहुत धन्यवाद…

    Boog के द्वारा
    July 12, 2016

    I found just what I was needed, and it was eneanttiring!

harishbhatt के द्वारा
October 31, 2010

बहुत अच्छी कविता है. आपने कुछ पक्तियों में बहुत कुछ कह दिया. बधाई.

    Pooja के द्वारा
    November 1, 2010

    हरीश जी, बहुत-बहुत धन्यवाद…

    Aneisha के द्वारा
    July 12, 2016

    Kai+ / It just goes for .3 to .5. Usually omakes are codsniered .5, but the next chapter was already labeled .5, so I was going to put .25. But then there were 2 omakes. So the next best option was to put .2 and .3. Hope this clears stuff up.

Shailesh Kumar Pandey के द्वारा
October 31, 2010

पूजा जी ! बहुत अच्छी है आपकी ये रचना, यूँ ही लिखती रहें

    Pooja के द्वारा
    October 31, 2010

    बहुत-बहुत धन्यवाद शैलेश जी… बस कोशी जारी है… प्रोत्साहन करते रहे…

    Daysia के द्वारा
    July 12, 2016

    Well, I agree that he has the right to say. But what I do not agree is to close shop and run. I mean, if you dare to put your views out for otrehs to see, then dare to defend it.

abodhbaalak के द्वारा
October 31, 2010

पूजा जी, आपकी पहली रचना पढ़ रहा हूँ, यही कह सकता हूँ की मेरा दुर्भाग्य था की इस से पहले क्यों नहीं पढ़ा. सुन्दर रचना के लिए बधाई हो http://abodhbaalak.jagranjunction.com

    Pooja के द्वारा
    October 31, 2010

    जी धन्यवाद… पर इसे ऐसे भी सोच सकते है की शायद अभी तक मेरा सौभाग्य नहीं था…

    Hayle के द्वारा
    July 12, 2016

    I was drawn by the hosnety of what you write

mihirraj2000 के द्वारा
October 31, 2010

बेहतरीन सोच और बेहतरीन कविता. इस मंच की कुछ खास चुनिन्दा कविताओं में आपकी ये कविता है जो दिल को छू गयी. भगवान् आपको यु ही लिखने की शक्ति दे. http://www.mihirraj2000.jagranjunction.com

    Pooja के द्वारा
    October 31, 2010

    बहुत-बहुत धन्यवाद…आपकी दुआएं और ऊपरवाले का आशीर्वाद रहा तो जरूर… बाकी मेरी कोशिश जारी है…

Piyush Pant, Haldwani के द्वारा
October 31, 2010

मंज़िल मेरी भी वही है जो तेरी है… जाना मुझे भी वहीं है जहाँ तुझे है… फ़र्क है तो बस इतना… कि मैं जला दी जाउंगी और तुझे दफनाया जाएगा… ***************************** सुन्दर पंक्तियों से सजी इस कविता के लिए हार्दिक बधाई ……………

    Pooja के द्वारा
    October 31, 2010

    पियूष जी… बहुत-बहुत धयवाद…

    Daveigh के द्वारा
    July 12, 2016

    What i do not understood is actually how you are not really much more well-liked than you might be right now. You’re so intelligent. You realize thus sinfngicaitly relating to this subject, produced me personally consider it from so many varied angles. Its like men and women aren’t fascinated unless it’s one thing to do with Lady gaga! Your own stuffs great. Always maintain it up!

Dharmesh Tiwari के द्वारा
October 31, 2010

नमस्ते पूजा जी…………….फ़र्क है तो बस इतना… कि मैं जला दी जाउंगी और तुझे दफनाया जाएगा………………..अति सुन्दर लाईने,धन्यवाद!

    Pooja के द्वारा
    October 31, 2010

    नमस्ते धर्मेश जी… आपका बहुत-आहूत शुक्रिया…

    Lakisha के द्वारा
    July 12, 2016

    That makes me cringe, because it2#;&178s like asking karma to smack you very hard in the face.I admire your rational and reasonable response, because I’d probably just call her an idiot.


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